
वजन घटाना वैसे ही एक कठिन प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन महिलाओं के लिए यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कई बार डाइटिंग, एक्सरसाइज़ और अनुशासित लाइफस्टाइल अपनाने के बावजूद जब वांछित रिज़ल्ट नहीं मिलते, तो निराशा होना स्वाभाविक है। दरअसल, इसके पीछे कुछ ऐसे बायोलॉजिकल और लाइफस्टाइल फैक्टर्स छिपे होते हैं, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को वजन कम करने में अधिक संघर्षपूर्ण बना देते हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि इन कारणों के साथ उनके प्रभावी समाधान भी उपलब्ध हैं।
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हार्मोनल असंतुलन और वजन घटाने की दिक्कत
महिलाओं के शरीर में बार-बार हार्मोनल उतार-चढ़ाव होते हैं, जैसे पीरियड्स, गर्भावस्था, थायरॉइड या मेनोपॉज़ के समय, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। थायरॉइड हार्मोन का कम या अधिक होना, एस्ट्रोजन का असंतुलन या इंसुलिन रेसिस्टेंस जैसे कारक मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देते हैं, जिससे कैलोरी बर्न की प्रक्रिया कम हो जाती है। समाधान के रूप में नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर की सलाह पर मेडिकेशन और आहार में हॉर्मोन-बैलेंसिंग फूड्स को शामिल करना बेहद प्रभावी हो सकता है।
धीमा मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा खर्च में गिरावट
महिलाओं का मेटाबॉलिज्म स्वाभाविक रूप से पुरुषों की तुलना में धीमा होता है। साथ ही उम्र बढ़ने के साथ यह और भी स्लो हो जाता है, जिससे शरीर कम कैलोरी खर्च करता है और वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए वेट ट्रेनिंग, HIIT वर्कआउट और प्रोटीन युक्त आहार को नियमित दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है। साथ ही पर्याप्त नींद और हाइड्रेशन पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।
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असंतुलित खानपान की आदतें
क्रैश डाइट, बार-बार उपवास करना या सिर्फ सलाद पर जीना—ऐसी डाइटिंग आदतें लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं। इनसे वजन तो घटता नहीं, उल्टा शरीर ‘स्टार्वेशन मोड’ में चला जाता है, जिससे फैट जमा होने लगता है। संतुलित आहार जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हेल्दी फैट और पर्याप्त फाइबर शामिल हो, वह वजन घटाने के लिए सबसे बेहतर तरीका है। दिनभर छोटे-छोटे पोर्शन में भोजन करना, भूखा न रहना और जंक फूड से दूरी बनाना सबसे उपयोगी उपाय है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी
आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में काम के तनाव के बीच महिलाएं अक्सर अपने शरीर को सक्रिय बनाए रखने में पीछे रह जाती हैं। कई बार घरेलू या ऑफिस वर्क में फंसी महिलाएं सोचती हैं कि वो काफी एक्टिव हैं, लेकिन वह एक्टिविटी कैलोरी बर्न के लिहाज से पर्याप्त नहीं होती। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का मध्यम से तीव्र वर्कआउट, जैसे ब्रिस्क वॉक, डांस, योग या साइकलिंग जरूरी है। एक्टिव रहने की आदत बनाना ही वजन घटाने की दिशा में पहला और स्थायी कदम है।
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