
आजकल की जीवनशैली और अनियमित खानपान के चलते पेट साफ न होना (Incomplete Bowel Movement) एक आम समस्या बन चुकी है। बहुत से लोग सुबह बार-बार टॉयलेट जाते हैं लेकिन फिर भी उन्हें संतुष्टि नहीं होती कि उनका पेट पूरी तरह साफ हुआ है। इस स्थिति से असहजता, भारीपन, गैस, ब्लोटिंग और लंबी अवधि में क्रॉनिक कब्ज (Chronic Constipation) की समस्या हो सकती है।
इस लेख में हम आपको ऐसे 7 सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपके पेट को प्राकृतिक रूप से साफ करने में मदद करते हैं और सुबह के मल त्याग को बेहतर बनाते हैं। इन foods to cleanse stomach को अपनी डेली डाइट में शामिल करना पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है।
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पेट साफ न होने की समस्या को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इन 7 प्रमुख foods to clean stomach को अपनी डेली डाइट में शामिल करके आप पाचन तंत्र को मजबूत बना सकते हैं और मल त्याग को नियमित कर सकते हैं। सही खानपान के साथ पर्याप्त पानी पीना और एक्टिव रहना भी बेहद जरूरी है।
मैग्नीशियम युक्त हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सरसों, मेथी और चौलाई न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं बल्कि इनमें मैग्नीशियम (Magnesium) की अच्छी मात्रा होती है। मैग्नीशियम आंत की मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है, जिससे मल त्याग में आसानी होती है। खासकर इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद हो सकता है। रोज के भोजन में एक बार हरी सब्जियां जरूर शामिल करें।
ओट्स और सेब – सॉल्युबल फाइबर का बेहतरीन स्रोत
ओट्स (Oats) और सेब (Apple) दोनों ही सॉल्युबल फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं। यह फाइबर मल को सॉफ्ट बनाता है और आंतों की परत को नम करता है जिससे मल त्याग में आसानी होती है। इसके अलावा यह आंत की गतिशीलता को बढ़ाता है, जिससे टॉक्सिन्स का उत्सर्जन अच्छे से हो पाता है। सुबह के नाश्ते में ओट्स और सेब को शामिल करें।
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अदरक – प्राकृतिक पाचन सहायक
अदरक (Ginger) का इस्तेमाल भारत में सदियों से पाचन सुधारने के लिए किया जाता रहा है। यह एक प्राकृतिक प्रोकाइनेटिक है जो पेट से आंतों तक भोजन की गति को तेज करता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) या पाचन की धीमी दर की समस्या होती है, उनके लिए अदरक किसी औषधि से कम नहीं। दिन में एक से दो बार अदरक की चाय पीने से सुबह मल त्याग में सुधार हो सकता है।
अलसी के बीज – फाइबर का पॉवरहाउस
अलसी (Flaxseeds) में दोनों प्रकार के फाइबर – सॉल्युबल और इनसॉल्युबल – पाए जाते हैं। सिर्फ 1 चम्मच अलसी में लगभग 2.7 ग्राम फाइबर होता है। एक शोध के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में 12 हफ्ते तक रोज 10 ग्राम अलसी लेने से कब्ज में राहत मिली। इसके अतिरिक्त अलसी ब्लड शुगर और फैट लेवल को भी संतुलित करता है।
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प्रोबायोटिक फूड्स – अच्छे बैक्टीरिया की जरूरत
प्रोबायोटिक (Probiotics) खाद्य पदार्थ आंतों में हेल्दी बैक्टीरिया के बैलेंस को बनाए रखते हैं जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। दही, अचार, सौकरकूट, केफिर, कोम्बुचा जैसे फूड्स प्राकृतिक प्रोबायोटिक माने जाते हैं। रात के खाने के साथ इनका सेवन करने से सुबह के मल त्याग में राहत मिलती है और गैस, अपच जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
खिचड़ी – हल्का और पाचन में सहायक
खिचड़ी (Khichdi) भारतीय रसोई की एक पारंपरिक लेकिन बेहद सेहतमंद डिश है। यह फाइबर और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती है जो मल त्याग की नियमितता को बढ़ाता है। चावल और दाल से बनी खिचड़ी में अगर मौसमी सब्जियां भी मिलाई जाएं तो यह एक सम्पूर्ण पाचन सुधारक भोजन बन जाता है।
चिया सीड्स – जल-आधारित फाइबर से भरपूर
चिया सीड्स (Chia Seeds) में उच्च मात्रा में इनसॉल्युबल फाइबर पाया जाता है। 28 ग्राम चिया में लगभग 9.8 ग्राम फाइबर होता है। पानी के साथ मिलकर चिया आंत में एक जेल जैसी परत बना लेता है जिससे मल को सॉफ्ट और भारी बनाकर बाहर निकालना आसान हो जाता है। दिन में एक बार पानी या जूस में मिलाकर चिया सीड्स लें।