
बढ़ते मोटापे और खासकर पेट की चर्बी (Belly Fat) को कम करना आज के समय में सबसे बड़ी फिटनेस चुनौतियों में से एक बन गया है। कई लोग इसके लिए रनिंग, जॉगिंग और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट (HIIT) जैसी गतिविधियों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी कुछ समय बाद बाउंस बैक की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग (Yoga) एक स्थायी, शांत और असरदार उपाय हो सकता है। खासकर Yoga for Toned Stomach के लिए विशेष आसनों का नियमित अभ्यास न केवल पेट की चर्बी को घटाने में मदद करता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्म-संयम को भी बढ़ावा देता है।
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योगासन न सिर्फ वेट लॉस में सहायक होते हैं, बल्कि शरीर में चयापचय दर (Metabolism) को सुधारते हैं और पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाते हैं। योग एक्सपर्ट भावना जपत्यानी के अनुसार, पेट पर जमा फैट को बर्न करने के लिए कुछ विशेष योग मुद्राएं बेहद प्रभावी हैं। आइए जानते हैं पेट को टोन करने वाले योगासनों के बारे में विस्तार से।
ताड़ासन (Tadasana) से मिलेगी मसल्स में मजबूती
ताड़ासन, जिसे माउंटेन पोज भी कहा जाता है, शरीर की मुद्रा को सुधारने और मांसपेशियों में खिंचाव लाने के लिए जाना जाता है। इससे शरीर की लचक बढ़ती है और पेट के मसल्स एक्टिव होते हैं, जिससे चर्बी घटने लगती है। इस आसान से आसन से ना केवल पेट बल्कि पैरों और रीढ़ की हड्डी को भी मजबूती मिलती है।
योग विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आसन को करते समय शरीर को संतुलित रखना बेहद जरूरी होता है। जब आप हाथों को ऊपर उठाकर हील्स पर खड़े होते हैं, तो पेट की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, जिससे फैट बर्निंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
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अधोमुखवृक्षासन (Adho Mukha Vrikshasana) से स्ट्रेचिंग और फैट बर्न
अधोमुखवृक्षासन यानी डाउनवर्ड फेसिंग पोज शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे हिप्स, थाइज़ और पेट पर असर डालता है। झुकाव वाली यह मुद्रा शरीर में लचीलापन बढ़ाती है और मांसपेशियों में खिंचाव लाकर फैट को टारगेट करती है।
इस योगासन के दौरान जब शरीर उल्टा झुकता है, तो रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह तेज हो जाता है। इससे फैट बर्निंग के साथ-साथ पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द और ऐंठन में भी राहत मिलती है।
फलकासन (Phalakasana) से पेट की चर्बी पर सीधा असर
फलकासन यानी प्लैंक पोज, पेट के मसल्स पर सबसे ज़्यादा असर डालने वाला योगासन माना जाता है। यह आसन न केवल फैट को बर्न करता है बल्कि कोर स्ट्रेंथ को भी बढ़ाता है। इस पोज में शरीर का पूरा भार हाथों और पंजों पर होता है, जिससे पेट के आसपास की चर्बी तेजी से घटती है।
फलकासन करने से मेटाबॉलिज्म एक्टिव होता है और इससे वेट लॉस की प्रक्रिया में तेजी आती है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में भी मदद करता है और पॉस्चर को बेहतर बनाता है।
कपोतासन (Kapotasana) से लव हैंडल्स को कहें अलविदा
कपोतासन यानी पिजन पोज पेट के निचले हिस्से और लव हैंडल्स पर काम करता है। इस आसन में जब एक टांग आगे और दूसरी पीछे रखी जाती है, तो शरीर में एक असंतुलन पैदा होता है जिससे पेट की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है।
इस योगासन में सांस पर नियंत्रण रखा जाता है जिससे चयापचय तेज होता है और शरीर में जमा चर्बी का उपयोग ऊर्जा में बदलने लगता है। यह रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी को भी बढ़ाता है और स्ट्रेस को कम करता है।
योगासन से सिर्फ वेट लॉस नहीं, संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ
Yoga for Toned Stomach न केवल पेट की चर्बी को बर्न करने में सहायक है बल्कि इससे डाइजेशन, ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है। योगासन तनाव को दूर करने और एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार साबित होते हैं।
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अगर आप मेनोपॉज के बाद तेजी से बढ़ते पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो योग आपके लिए एक असरदार और साइड इफेक्ट फ्री विकल्प हो सकता है। योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से फिटनेस की ओर कदम बढ़ाएं।