
ब्लड शुगर यानी रक्त में मौजूद ग्लूकोज का स्तर जब सामान्य सीमा से ऊपर पहुंच जाता है, तो यह शरीर के लिए एक गंभीर संकेत होता है। विशेष रूप से डायबिटीज़ (Diabetes) के मरीजों के लिए ब्लड शुगर का असंतुलन लंबी अवधि की जटिलताओं का कारण बन सकता है। ब्लड शुगर का लगातार ऊंचा रहना हृदय रोग, किडनी डैमेज, नर्व सिस्टम के विकार और यहां तक कि अंधेपन की वजह बन सकता है। इसलिए ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के लक्षणों को पहचानना जरूरी

जब शरीर में शुगर की मात्रा अचानक बढ़ती है, तो यह विभिन्न लक्षणों के रूप में प्रकट होती है। अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, चिड़चिड़ापन और धुंधलापन—ये सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि शरीर ब्लड शुगर को प्रोसेस नहीं कर पा रहा है। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है और इंसुलिन (Insulin) की जरूरत भी बढ़ सकती है।
खानपान में करें सही बदलाव
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का सबसे पहला और प्रभावी तरीका है आहार (Diet) को संतुलित करना। सफेद आटा, शक्कर और प्रोसेस्ड फूड्स के स्थान पर फाइबर (Fiber) युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। साबुत अनाज, हरी सब्जियां, लो-ग्लाइसेमिक फल और प्रोटीन युक्त दालें न सिर्फ पेट को भरा रखती हैं बल्कि धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करके ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखती हैं।
हर दिन व्यायाम से बढ़ती है शरीर की शुगर प्रोसेसिंग क्षमता

नियमित फिजिकल एक्टिविटी जैसे योग, ब्रिस्क वॉकिंग या साइकलिंग ब्लड शुगर को कम करने में मदद करती है। व्यायाम से शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे ब्लड से ग्लूकोज का अवशोषण बेहतर होता है। विशेषज्ञों की मानें तो कम से कम 30 मिनट की एक्टिविटी हर दिन अनिवार्य होनी चाहिए।
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पर्याप्त पानी पीना
हाइड्रेशन का सीधा संबंध ब्लड शुगर से है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो शुगर अधिक सघन हो जाती है। अधिक पानी पीने से अतिरिक्त शुगर यूरिन के माध्यम से बाहर निकलती है। इसलिए दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना बेहद जरूरी है, खासकर गर्मियों में।
तनाव का प्रभाव भी बढ़ा सकता है आपकी शुगर

तनाव यानी स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो ब्लड शुगर को अचानक ऊंचा कर सकता है। ध्यान, मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और नियमित नींद से तनाव को कम किया जा सकता है। यह न सिर्फ मानसिक शांति लाता है, बल्कि शरीर के शुगर नियंत्रण तंत्र को भी बेहतर करता है।
प्राकृतिक उपायों से पाएं शुगर पर नियंत्रण
आयुर्वेद और घरेलू उपायों में भी ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए कई प्रभावी तरीके मौजूद हैं। जैसे मेथी दाना पानी में भिगोकर सुबह पीना, दालचीनी पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लेना या करेले का रस पीना। ये सभी उपाय इंसुलिन को नैचुरली एक्टिव करते हैं और ब्लड शुगर को कम करने में सहायक हैं।
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