
बार-बार चक्कर आना (Frequent Dizziness) एक आम लेकिन नजरअंदाज की जाने वाली स्वास्थ्य समस्या है। यह अक्सर शरीर में असंतुलन, रक्त संचार की कमी, डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर अस्थिरता, या फिर मानसिक तनाव के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में यह विटामिन की कमी या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी संकेत हो सकता है। जब चक्कर अक्सर आने लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और सही समय पर इलाज व घरेलू उपायों से राहत पाई जा सकती है।
पानी की कमी से बचें और हाइड्रेशन बनाए रखें

शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन (Dehydration) चक्कर आने का सबसे आम कारण है। जब शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा कम हो जाती है तो मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है, जिससे चक्कर आने लगते हैं। ऐसे में पूरे दिन भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है। खासकर गर्मी के मौसम में नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस का सेवन फायदेमंद होता है।
अदरक का सेवन करें
अदरक (Ginger) को आयुर्वेद में एक बेहतरीन औषधि माना गया है। यह पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ मिचली और चक्कर आने की समस्या को भी कम करता है। आप अदरक की चाय बना सकते हैं या इसे कच्चा चबाकर भी सेवन कर सकते हैं। अदरक में मौजूद जिंजरॉल तत्व नसों को शांत करता है और ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई को बेहतर बनाता है।
आयरन युक्त आहार लें और एनीमिया से बचें

शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया (Anemia) एक प्रमुख कारण होता है चक्कर आने का। इससे दिमाग को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो पाती और थकान व चक्कर की स्थिति पैदा होती है। पालक, चुकंदर, गुड़, खजूर, अनार और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन से भरपूर होती हैं, जिन्हें अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
विटामिन C और B12 का सेवन न भूलें
विटामिन C और B12 हमारे नर्वस सिस्टम और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी होते हैं। इनकी कमी से चक्कर आ सकते हैं। संतरा, नींबू, स्ट्रॉबेरी, अमरूद जैसे फलों का सेवन लाभकारी होता है। विटामिन B12 के लिए अंडा, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करें। यदि प्राकृतिक स्त्रोत से पर्याप्त मात्रा में न मिले, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
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गिंको बाइलोबा और फीवरफ्यू जड़ी-बूटियों का उपयोग करें

गिंको बाइलोबा (Ginkgo Biloba) एक जानी-मानी हर्ब है जो मस्तिष्क में रक्त संचार को बेहतर बनाती है। यह चक्कर और संतुलन की समस्या में राहत देती है। इसी तरह फीवरफ्यू (Feverfew) भी माइग्रेन और सिरदर्द से संबंधित चक्कर की समस्या को दूर करती है। हालांकि इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
योग, प्राणायाम और संतुलन अभ्यास
चक्कर की समस्या में योग (Yoga) और प्राणायाम बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। विशेषकर त्राटक, अनुलोम-विलोम और ब्रह्मरी जैसे प्राणायाम मानसिक शांति प्रदान करते हैं और शरीर के संतुलन को बेहतर बनाते हैं। साथ ही संतुलन बढ़ाने वाले हल्के व्यायाम जैसे एक टांग पर खड़ा होना, गर्दन को धीरे-धीरे घुमाना, भी कारगर साबित होते हैं।
मेडिकल जांच और परामर्श कब जरूरी है
अगर घरेलू उपायों के बाद भी चक्कर बार-बार आते हैं या इसके साथ अन्य लक्षण जैसे धुंधली दृष्टि, बेहोशी, सीने में दर्द, या सिरदर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह लो ब्लड प्रेशर, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर या हार्ट संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में MRI, ब्लड टेस्ट और न्यूरोलॉजिकल एग्जामिनेशन जरूरी हो जाते हैं।
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